आठवणींच्या विश्वात

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प्रतिक्रिया

बऱ्याच दिवसांनी इथे कविता दिसली ..

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दुश्मन है हजारो यहॉ जानके - जरा मिलना नजर पहेचानके |
कई रूप में है कातिल - कहीं दीप जले कहीं दिल ..||

me pahilyandach kavita takali aahe ithe .

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